क्या ईश्वर महान है?

क्या ईश्वर महान है?


                       बुघवार*स्ट्राइकर।
भोपाल ।क्या ईश्वर महान है? घर में कोरोना के कारण अकेले बैठे- बैठे मेरे मन में बार - बार यह प्रश्न पता नहीं क्यों उम्ड़ - घुमड़ रहा है।सच पुछे तो मेरे पास इसका कोई सटीक उत्तर नहीं है। शायद इसकी वजह मेरा पारम्परिक संस्कार ह्रै।हम कई वार ऐसे कार्य को करते हैं जिसपर विश्वास नही होता है ।पर परम्परा / लोकलाज के कारण विवश होता है। मेरी भी स्थिति कुछ ऐसी ही है।सोचता हूँ कि मेरी निजी सोच को अब काफी कुछ लचीला बनाने लगा हूँ।शायद यह मेरे अबतक के जिवन में प्राप्त अनुभवों के कारण ही है । खैर। मूल विषय पर लौटता हूँ कि क्या ईश्वर महान है? 
      चर्चा व चिंतन को आगे वढ़ाने से पूर्व सर्वप्रथम हमें स्वीकार करने होगें कि ईश्वर का स्तीत्व है।तभी तो प्रश्न उठेगा कि क्या ईश्वर महान है।  ज्यादा पीछे जाने की जब जरूरत होगी तब जाया जावेगा ।अभी तो  21वीं सदी में दुनिया में जो पांच दस सबसे महान नास्तिक विचारक पैदा हुए हैं, उनमें से *रिचर्ड डॉकिंस के बाद सबसे बड़ा नाम आता है, *किस्तोंपर हीचेन का लिया जाता है। उन्होंने 2007 में  "गॉड इज नॉट ग्रेट" नाम की पुस्तक लिखी । उस किताब में उन्होंने  सैकड़ों सबूत दे कर यह साबित करने की प्रयास किया, कि पिछले 5000 साल में मानव जाति पर जितने भी महा भयंकर संकट आए हैं उस दौरान  दुनिया के किसी भी ईश्वर, अल्लाह या गॉड ने मानव जाति की कोई मदद नहीं की। उन्होंने सिद्ध किया कि "मानव जाति में जो मुश्किल से 5% बुद्धिमान लोग हैं जिन्होंने मानव जाति को हर संकट के समय कोई न कोई रास्ता ढूंढ कर दिया है ।"


    लेकिन धर्म के नाम पर जो लोग अपना पेट पालते हैंअथवा घर्म का घंघा करते है और अपने आप को धर्म का ठेकेदार और ईश्वर का  प्रतिनिधि समझते हैं उन लोगों ने सम्पूर्ण विश्व के मानव जाति / समाज के जो 95% लोग है, और जो जन्मजात बुद्धिहीन है, और जो किसी न किसी काल्पनिक सहारे के बगैर जी ही नहीं सकते,ऐसे लोगों को बार-बार धर्म ने अपने जाल में जकड़ कर रखा है व वे शोषित हुये ह्रै। दुर्भाग्य से आज किस्तोंपर हिचेन हमारे बीच नहीं है, लेकिन कोरोना वायरस ने फिर एक बार किस्तोंपर हीचैन को सही साबित कर दिया  है। और यह भी साबित किया है कि कोरोना वायरस प्रकृति ने पैदा किया है, इंसान ने पैदा किए हुए ईश्वर गॉड और अल्लाह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता । सिर्फ विज्ञान है जो उसे आज कंट्रोल करेगा। इस सत्य को नकारने का पुरा प्रयास कर रहा हूँ पर आज फिर आस्था पर सोच/ चिंतन भारी पड़ता जा रहा है।भला सत्य को कब तक नकारा जा सकता ह्रै।सत्य तो सत्य है जो प्रकट रूप में सामने दिरव रहा है।हाँ हम अपने मंदिरों/ घर्मस्थलों द्वारा भारी मात्रा में किये जा रहे सहयोग के कारण आज हिन्दुस्तान में कोरोना के विस्द्ध लड़ी जा रही भंयकर युद्ध में,मात्र घर्म को सहयोगी मानने पर विवश हूँ।


      हलांकि  सभी धर्मों के घर्मगुरूयो और विश्व व विशषकर हिन्दुस्तान के कोने_ कोने में फैले घर्म के ठेकेदारों तथाघंन्धांवाजों का यह सनातन दावा है कि, ईश्वर इस ब्रह्मांड का निर्माता है और वह सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ और हर जगह पर मौजूद है और उसकी मर्जी के बगैर एक पत्ता भी नहीं हिलता है ।लेकिन उनके दावों की कलई कोरोना ने पुरी तरह खोलकर रख दी है।कोरोना ने धर्म के ठेकेदारों और घंधेवाजों को अपने - अपने दड़बों में मुँह छुपाकर छुपने के लिये न केवल विवश कर दिया वक्लि वामपंथ(मात्सेतुग बाद और मार्क्सवाद) को भी बुरी तरह नंगा कर दिया है।


    बताया जाताहैं कि दुनिया का सबसे बड़ा धर्म क्रिश्चन है और पूरी दुनिया के क्रिश्चन लोगों का सबसे बड़ा गुरु इटली के रोम शहर में रहता है, जिसे वेटिकन सिटी कहा जाता है। आजकल कोरोना के डर से इटली के सभी चर्च और वेटिकन सिटी लॉक डाउन है और उनका सबसे बड़ा धर्म गुरु यानी पोप कहीं छुप कर बैठा है। दुनिया का सेकंड नंबर का धर्म इस्लाम है और दुनिया भर में फैले मुसलमानों की सबसे पवित्र भूमि और पवित्र धर्मस्थल मक्का मदीना है,  वह भी आज पूरी तरह से बंद है। और दुनिया के तीसरे नंबर का धर्म यानी हिंदू धर्म और उसके सभी प्रसिद्ध धर्मस्थल जैसे कि चारों धाम, बालाजी मंदिर, शिर्डी के साईं बाबा का मंदिर, जम्मू के वैष्णो देवी का मंदिर और बहुत सारे छोटे_ बडे मठ ,अखाडे कहा छुपेबैंठे है पता नही?लेकिन पुरीतरह निराश होने की भी जरूरतनहीं हैं क्योंकि खुशी और गर्व करने की वात है कि देश के दजिनों हिन्दु घर्मस्थलों से करोडों_ करोड़ स्पयों की आर्थिक मदद कर जनता के आस्था और विश्वास कायम ररवने के साथ_ साथ संकट के समय में अपनी गहरी उपयोगिता सिद्ध कर रहे है।इन खबरों ने मुक्षे मेरी अपनी आस्था/ परम्परा पर भरोशा कायम ररवने पर मदद कर रहा है।अब मुक्षे विश्वास हो चला है कि हम होते रहेंगे कामयाव। 
            जय हिन्द!
बुघवार बहुमाध्यम समूह